महाराष्ट्र में सियासी जंग अभी जारी है। सीएम एकनाथ शिंदे ने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को एक के बाद एक झटका देने की तैयारी की थी। इस बीच उद्धव गुट के एक और सांसद को तोड़ने की पूरी प्लानिंग सीएम शिंदे कर चुके थे लेकिन आखिरी समय में यह प्लान असफल हो गया। उद्धव गुट के सांसद गजानन कीर्तिकर शिंदे खेमे का दामन पकड़ने की तैयारी में थे। हालांकि उनके बेटे और शिवसेना नेता अमोल कीर्तिकर ने अपने सांसद पिता को ऐसा करने से रोक दिया।
गजानन कीर्तिकर मुंबई के उत्तर-पश्चिम लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं। गजानन कीर्तिकर का कुछ दिन पहले ही सीएम एकनाथ शिंदे हाल-चाल लेने उनके घर पर गए थे। दोनों नेताओं के इस मुलाकात के दौरान यह तय हो गया था कि गजानन कीर्तिकर उद्धव ठाकरे को छोड़ एकनाथ शिंदे गुट में शामिल हो जाएंगे। हालांकि अमोल कीर्तिकर के समझाने पर उन्होंने अपना मन बदल दिया।
बता दें कि शिवसेना नेता अमोल कीर्तिकर ने अपने पिता गजानन कीर्तिकर के उद्धव गुट छोड़ने वाले फैसले के खिलाफ थे। साथ ही उन्हें इस बात के लिए राजी किया कि ऐसा करना, ठाकरे परिवार के साथ गद्दारी होगी। इस समय शिवसेना और पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे मुश्किल में हैं। ऐसे में उनका साथ छोड़ना उचित नहीं होगा। ऐसा करने पर भगवान भी हमें माफ नहीं करेगा। इन दलीलों के बाद गजाजन कीर्तिकर ने शिंदे खेमे में शामिल होने का इरादा बदल दिया।
हाल ही में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अमोल कीर्तिकर को शिवसेना का उप नेता भी बनाया है। बीते कुछ दिनों से ये बात सुर्खियां बटोर रही थी कि उद्धव खेमे का एक और सांसद शिंदे गुट को ज्वाइन करने वाला है। यह भी माना जा रहा था कि आगामी दशहरा रैली में सीएम शिंदे इसकी औपचारिक घोषणा करने वाले थे।
बता दें कि सूत्रों से जानकारी के मुताबिक शिंदे खेमे की तरफ से गजानन कीर्तिकर को केंद्र सरकार में मंत्री पद और उनके बेटे को विधान परिषद में मौका देने की पेशकश की गई थी। लेकिन इसी दौरान उद्धव ठाकरे ने अमोल को शिवसेना का उपनेता घोषित कर दिया। साथ ही अगले लोकसभा चुनाव में मौका देने का विश्वास दिलाया है। इस आश्वासन के बाद अमोल कीर्तिकर ने भी शिंदे खेमे में शामिल होने से साफ इंकार कर दिया था।
.jpg)