अमेरिकी सेंट्रल बैंक फेड रिजर्व (Federal Reserve) के मुखिया Jerome Powell के ब्याज दर बढ़ाने के एलान और फिर डॉलर के मुकाबले रुपये में एतिहासिक गिरावट के चलते भारतीय शेयर बाजार में कोहराम मचा है. तो दुनियाभर के शेयर बाजारों में गिरावट चाहे एशियाई हो या यूरोपीय या फिर अमेरिकी सभी जगह गिरावट है और इसका असर भी भारतीय बाजारों पर नजर आ रहे हैं जिसका खामियाजा शेयर बाजार के निवेशकों को उठाना पड़ा है. हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय बाजार के निवेशकों को 5 लाख करोड़ रुपये की चपत लग गई.
5 लाख करोड़ की चपत
गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार जब बंद हुए तब मुंबई स्टॉक एक्सचेंज का मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Capitalisation) 281.70 लाख करोड़ रुपये करीब था. जो शुक्रवार की गिरावट के बाद घटकर 276.65 लाख करोड़ रुपये रह गया है. फेड रिजर्व ने ब्याज दरें तो बढ़ाई पर भविष्य में और भी बढ़ाने के संकेत दिए हैं जिसके चलते विदेशी निवेशक बाजार में बिकवाली कर रहे हैं.
आरबीआई बढ़ा सकता है रेपो रेट
28-30 सितंबर आरबीआई की मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी की बैठक होने वाली है. खुदरा महंगाई दर अगस्त महीने में फिर से 7 फीसदी के करीब जा पहुंचा है. जिसके बाद फिर से आरबीआई द्वारा रेपो रेट बढ़ाने के कयास लगाये जा रहे हैं. माना जा रहा है कि 30 सितंबर को आरबीआई 35 बेसिस से लेकर 50 बेसिस प्वाइंट तक रेपो रेट बढ़ाने का एलान कर सकता है.
ग्रोथ अनुमान में कमी
एक के बाद एक कई रेटिंग एजेंसियां भारतीय अर्थव्यवस्ता के ग्रोथ रेट का अनुमान घटा रहे हैं. जिससे बाजार की चिंता बढ़ गई है. वहीं खरीफ फसलों के पैदावार के गिरावट के चलते महंगाई ऊंची बनी रह सकती है. ये भी एक चिंता का कारण है.
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