महाराष्ट्र : महाराष्ट्र में ठाकरे सरकार के गिरने और ईडी संग 10 घंटे की पूछताछ के बाद शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने बड़ा खुलासा किया है. उनका दावा है कि उन्हें भी बागियों में शामिल होने और गुवाहाटी आने का ऑफर मिला था लेकिन उन्होंने इस ऑफर को ठुकरा दिया था. संजय राउत ने कहा क मैं बालासाहेब ठाकरे का सैनिक हूं. इसलिए मैं वहां नहीं गया. जब सच्चाई आपके पक्ष में है, तो डर क्यों है? राउत ने कहा कि एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में यह मेरा कर्तव्य है कि अगर कोई जांच एजेंसी (ED) मुझे समन जारी करती है तो पेश होना चाहिए. उनके अधिकारियों ने मेरे साथ अच्छा व्यवहार किया. मैंने उनसे कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो मैं फिर आ सकता हूं
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि संजय राउत से कल ईडी ने करीब 10 घंटे पूछताछ की. वह सुबह करीब साढ़े 11 बजे दक्षिण मुंबई में बलार्ड एस्टेट स्थित ईडी कार्यालय पहुंचे और रात करीब 10 बजे वहां से बाहर निकले. राज्यसभा सदस्य ने बाहर मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘‘मैंने पूरा सहयोग दिया और उनके सभी सवालों के जवाब दिए। अगर वे मुझे बुलाएंगे तो मैं फिर हाजिर होऊंगा।’’
एजेंसी ने राउत को 28 जून को तलब किया था. हालांकि, राउत ने ईडी के समन को उन्हें पार्टी के विधायकों की बगावत के मद्देनजर राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों से लड़ने से रोकने की ‘‘साजिश’’ बताया था और कहा था कि वह मंगलवार को एजेंसी के समक्ष पेश नहीं हो पाएंगे क्योंकि उन्हें अलीबाग में एक बैठक में भाग लेना है। इसके बाद ईडी ने नया समन जारी करते हुए उन्हें शुक्रवार को पेश होने के लिए कहा था.
