ठाणे : दिवा शहर दिन-ब-दिन विकसित हो रहा है और आज शहर की आबादी पांच लाख को पार कर गई है। इसमें कई मजदूर वर्ग, मेहनती महिलाएं, युवा वर्ग शामिल हैं। देखभाल करना एक घर का काम है, इसलिए कई महिलाएं अपने छोटे बच्चों को अजनबियों या रिश्तेदारों के पास छोड़ देती हैं और अपनी आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए बाहर जाते हैं और दो से तीन साल की उम्र के बच्चों की देखभाल करने में कोई आगे नही आता हैं। ये सारी समस्याएं कुछ महिलाओं ने रेशमताई पवार के ध्यान में लाया है। उन्होंने समय का कोई अंत न देखकर हिन्दू नववर्ष के मुहर्त पर बच्चों के देखभाल के लिए अपने राशि से पालन घर शुरू किया। इस मौके पर दिवा की महिलाओं ने पवार ताई का आभार व्यक्त करते हुए आशीर्वाद दिया और आगे ही ऐसे सहकार्य की अपील की।