सुप्रिया सुले के खिलाफ टिप्पणी को लेकर NCP का विरोध; महाराष्ट्र के मंत्री ने मांगी माफी

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राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के कार्यकर्ताओं ने सांसद सुप्रिया सुले के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी को लेकर महाराष्ट्र के कृषि मंत्री और एकनाथ शिंदे के खेमे के नेता अब्दुल सत्तार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। सत्तार की टिप्पणी से भड़के प्रदर्शनकारियों ने सिल्लोड (सत्तार का गृहनगर), पुणे, मुंबई, ठाणे और औरंगाबाद में कई जगहों पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पुतले जलाए और कथित तौर पर उनके आवास पर पथराव भी किया।


पत्रकारों से बात करते हुए औरंगाबाद की डीसीपी अपर्णा गीता ने कहा कि पुलिस ने अब्दुल सत्तार के आवास पर आए प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है। उन्होंने कहा "आज मंत्री अब्दुल सत्तार के आवास पर आए प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया और पुलिस स्टेशन ले जाया गया। हम आगे की कार्रवाई कर रहे हैं।"


विरोध कर रहे एनसीपी कार्यकर्ताओं में से एक ने कहा कि वे मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मंत्री अब्दुल सत्तार का इस्तीफा लेने की मांग करते हैं। एक एनसीपी कार्यकर्ता ने कहा, "हम मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मंत्री का इस्तीफा लेने की मांग करते हैं, अन्यथा राकांपा हर चौक और शहर में विरोध करेगी।" पीटीआई के मुताबिक राकांपा नेता विद्या चव्हाण ने सत्तार के इस्तीफे की मांग की है, नहीं तो वह राज्य में खुलेआम घूम नहीं पाएंगे।


अब्दुल सत्तार ने माफी जारी की


सुप्रिया सुले के खिलाफ अपनी टिप्पणी पर आलोचनाओं का सामना कर रहे अब्दुल सत्तार ने अपने द्वारा इस्तेमाल किए गए शब्दों के लिए माफी मांगी। उन्होंने कहा "मैं अपने शब्दों के लिए माफी मांगता हूं अगर वे महिलाओं का अपमान कर रहे थे। मैंने एनसीपी से माफी नहीं मांगी, लेकिन उन महिलाओं से जो शायद मेरे शब्दों से आहत हुई हों। हम महिलाओं का सम्मान करते हैं और हमारा उनका अपमान करने का इरादा नहीं है ... अगर कोई आहत है, मैंने वे शब्द वापस ले लिए हैं।"


महाराष्ट्र के मंत्री और शिवसेना के एकनाथ शिंदे खेमे के प्रवक्ता दीपक केसरकर ने कहा कि सत्तार के माफी मांगने के बाद मामला अब खत्म हो जाना चाहिए। केसरकर ने एएनआई को बताया "मैं पहले ही कह चुका हूं कि चाहे शरद पवार हों या सुप्रिया सुले, वे सम्मानित लोग हैं। उन पर कोई व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं होनी चाहिए ... अब्दुल सत्तार ने माफी मांगी है, इसलिए यह मामला अब समाप्त हो जाना चाहिए। भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने का फैसला सीएम एकनाथ शिंदे लेंगे।" 

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