Maharashtra : आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनाव में बीजेपी को घेरने के लिए ठाकरे गुट ने रणनीति बनाना शुरू कर दिया है. पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के घर पर जिला प्रमुखों की अहम बैठक हुई. सूत्रों के मुताबिक, इस मीटिंग में प्रकाश अंबेडकर की पार्टी वंचित बहुजन आघाडी (VBA) के साथ गठबंधन होने पर चर्चा हुई है. चुनाव के दौरान महा विकास आघाडी (MVA) के साथ अगर वंचित आघाडी हाथ मिलाती है तो बीजेपी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.
प्रकाश अंबेडकर के नेतृत्व वाली वंचित बहुजन आघाडी ने 2019 का लोकसभा चुनाव असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन(AIMIM)के साथ मिलकर लड़ा था. पहले ही चुनाव में अंबेडकर की पार्टी और उनके गठबंधन ने 14 फीसदी वोट हासिल कर साफ कर दिया था कि उनकी पार्टी को लेकर लोगों में विश्वास है.
वीबीए-एआईएमआईएम ने जीती थी एक सीट
महाराष्ट्र की 48 लोकसभा सीटों में से केवल औरंगाबाद की एक सीट पर ही वीबीए और एआईएमआईएम के संयुक्त उम्मीदवार इम्तियाज जलील चुनाव जीतने में कामयाब रहे थे, लेकिन एक सच्चाई यह भी है वीबीए के उम्मीदवारों ने जमकर वोट बटोरे जिससे कि कई सीटों के नतीजे बदल गए थे. जानकर मानते हैं कि वीबीए और महा विकास आघाडी साथ आकर लोकसभा चुनाव लड़ते हैं तो राज्य की 48 सीटों का चुनाव मजेदार होगा. जो कि बीजेपी के लिए शिंदे गुट के साथ आने के बाद भी आसान नहीं रहेगा.
क्या होगा गठबंधन?
सवाल ये है कि महा विकास आघाडी के साथ क्या प्रकाश अंबेडकर गठबंधन करेंगे. क्या मोदी या बीजेपी विरोध इन सबको साथ ला सकेगा? आने वाले चुनाव उद्धव ठाकरे के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित होंगे. बहरहाल दोनों दल साथ आते हैं या नहीं ये तो आने वाला समय ही बताएगा.
.jpg)