बजट में युवाओं के लिए खुलेंगे 'भविष्य के द्वार', चुनावी बजट की तैयारी में जुटी सरकार

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Rajasthan Budget 2023-24
: राजस्थान में मचे 'सियासी घमासान' के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरूवार को आम बजट 2023-24 के लिए सचिवालय में बैठक की. बैठक में स्वयंसेवी संगठनों, सिविल सोसायटी और उपभोक्ता फोरम के प्रतिनिधियों ने भाग लिया. बजट पूर्व संवाद को गहलोत ने संबोधित किया और यहां से एक साफ-साफ संदेश देने की पूरी तैयारी थी कि इस बार का राजस्थान का बजट युवाओं और छात्रों की भावना के अनुरूप तैयार किया जा रहा है. एक तरफ जहां प्रदेश में OBC आरक्षण को लेकर युवा और छात्रों में आक्रोश है तो वहीं दूसरी ओर बजट में युवाओं की बात करके गहलोत सरकार माहौल को 'हल्का करने' में जुटी है. सवाल है कि क्या इस बजट से राजस्थान के युवाओं के 'भविष्य के द्वार' खुलने वाले हैं?


जल्दबाजी में 'युवा बजट'

सरकार का कहना है कि महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ पारदर्शी, संवेदनशील और जवाबदेह सुशासन में स्वयंसेवी संगठनों एवं सिविल सोसायटी की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है. आवश्यकता के अनुसार नवाचार के लिए दिए गए मूल्यवान और सारगर्भित सुझावों को आगामी बजट में स्थान देने का पूरा प्रयास किया जाएगा. इनके सुझावों के आधार पर ऐसा बजट लाने का प्रयास किया जाएगा जो प्रदेश के समग्र विकास को गति देने वाला हो. राज्य सरकार इस बार का बजट युवाओं और छात्रों की भावना के अनुरूप तैयार करने जा रही है.


रोजगार पर कैसे होगा काम

वहीं सीएमआईई की बेरोजगारी दर रिपोर्ट के मुताबिक (मई-अगस्त-2021) में राजस्थान में 55.75% ग्रेजुएट और हायर एजुकेशन वाले युवा बेरोजगार हैं. साथ ही साथ राजस्थान में महिलाओं की स्थिति रोजगार के मामले में ज्यादा खराब है. सीएमआईई की रिपोर्ट के अनुसार 65.3% महिलाओं के पास नौकरी नहीं है. वहीं 20 से 24 वर्ष की आयु सीमा की 98.06% महिलायें बेरोजगार हैं. शहरी आबादी, ग्रामीणों की तुलना में अधिक बेरोजगार है. इस मसले पर कैसे सरकार काम करेगी यह देखने वाली बात होगी. अभी तो बस सुझाव मांगे गए हैं. सरकारी आंकड़े के अनुसार पिछली बार बजट के लिए लगभग 45 हजार सुझाव मिले थे.


ये कदम युवाओं के लिए 

सरकार का मानना है कि युवा देश और प्रदेश की प्रगति का आधार हैं. युवाओं की रचनात्मक सोच, ऊर्जा और क्षमता से देश के विकास को नए आयाम दिए जा सकते हैं. राजस्थान सरकार युवाओं की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के लिए ऐतिहासिक फैसले ले रही है. मुख्यमंत्री युवा संबल योजना, डिजी फेस्ट, राजीव गांधी ग्रामीण ओलम्पिक, राजीव गांधी सेंटर फॉर एडवांस्ड टेक्नोलॉजी, राजीव गांधी स्कॉलरशिप फॉर एकेडमिक एक्सीलेंस जैसे निर्णय इस दिशा में बड़े कदम हैं. अब एक कदम और बढ़ाते हुए आगामी वित्तीय वर्ष 2023-24 का बजट युवा वर्ग को समर्पित करने का निर्णय लिया गया है. कल की बैठक में इस बात पर जोर दिया गया है.


12 घंटे में 21 हजार सुझाव

सामाजिक संगठनों ने पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, खाद्य सुरक्षा, रोजगार, पोषण, पारदर्शिता, कचरा प्रबंधन, सड़क सुरक्षा, नशा मुक्ति, उपभोक्ता हितों के संरक्षण, लैंगिक एवं सामाजिक समानता जैसे बुनियादी मुद्दों पर निरन्तर उपयोगी फीडबैक देने का काम किया है. गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा अगले बजट के लिए सुझाव आमंत्रित किए गए हैं. 12 घंटों में ही प्रदेशवासियों से लगभग 21 हजार सुझाव प्राप्त हो चुके हैं. अब क्या इसमें युवाओं के ठोस रोजगार की बात है या नहीं ?

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