सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर पर बड़ी घोषणा करते हुए कहा है कि अब आपके सिलेंडर पर QR Code होगा. दरअसल इस पहल का मकसद है गैस सिलेंडर की कालाबाजारी और चोरी रोकना है.अब जल्द लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) पर क्यूआर कोड दिया होगा. इस क्यूआर कोड को अपने Smartphone से स्कैन करके उसकी पूरी जानकारी को हासिल कर सकेंगे. यह कोड सिलेंडर के आधार कार्ड की तरह काम करेगा. केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri ने कहा कि इससे घरेलू सिलेंडर को रेगुलेट करने में मदद मिलेगी. पुरी ने कहा कि यह एक क्रांतिकारी बदलाव होगा, क्योंकि अब ग्राहक एलपीजी सिलेंडर को ट्रैक कर सकेंगे.
मौजूदा सिलेंडर पर क्यूआर कोड लगाया जाएगा. जबकि, नए सिलेंडरों पर यह पहले से दिया होगा. पहली किस्त में 20,000 एलपीजी सिलेंडरों में क्यूआर कोड लगा दिए गए हैं. क्यूआर कोड एक तरह का बारकोड है जिसे किसी भी डिजिटल डिवाइस की मदद से आसानी से पड़ा जा सकता है. अलगे तीन महीनों में सभी 14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर क्यूआर कोड के साथ आएंगे. जबकि, सभी पुराने एलपीजी सिलेंडरों पर स्पेशल स्टीकर लगाया जाएगा.
ऐसे इस्तेमाल कर सकेंगे गैस सिलेंडर पर क्यूआर कोड
. आप अपने स्मार्टफोन से गैस सिलेंडर पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन कर सकेंगे.
. स्कैन करने के बाद स्क्रीन पर डिस्प्ले दिखेगा, जिससे आपको इस बात की जानकारी मिलेगी कि इस सिलेंडर को किस प्लांट पर भरा गया है.
. आपको स्क्रीन पर दिखेगा कि सिलेंडर का डिस्ट्रीब्यूटर कौन है और यह कहां-कहां से घूमकर आया है.
. सिलेंडर कब-कहां से निकला और इसका डिलीवरी ब्वॉय कौन है, इसके बारे में ग्राहक को पता चलेगा.
. आप स्क्रीन पर प्लांट से लेकर आपके घर तक का पूरा सफर देख सकेंगे.
. स्क्रीन पर आप गैस सिलेंडर की पूरी जानकारी जैसे वजन, एक्सपायरी डेट भी देख सकते हैं.
सिलेंडर पर क्यूआर कोड के फायदे
. गैस सिलेंडर पर क्यूआर कोड की मदद से ग्राहक सिलेंडर कहां मौजूद है, वे पता लगा सकेंगे.
. इसकी मदद से ग्राहक सिलेंडर के वजन, एक्सपायरी डेट जैसी डिटेल्स का भी पता कर सकेंगे.
. क्यूआर कोड की मदद से ग्राहक को यह भी पता चल जाएगा कि गैस सिलेंडर को कहां भरा गया है.
. ग्राहकों को आम तौर पर अपने गैस सिलेंडर का डिस्ट्रीब्यूटर पता करने में दिक्कत होती है. क्यूआर कोड के जरिए वह इस बात को जान सकेंगे कि उनके सिलेंडर का डिस्ट्रीब्यूटर कौन है.
. गैस सिलेंडर आपके घर पर पहुंचने के बाद व्यक्ति को सबसे बड़ी चिंता इस बात की होती है कि उसमें किसी तरह की लीकेज नहीं हो. ऐसा होने पर बहुत बड़ा हादसा हो सकता है. क्यूआर कोड इसमें भी ग्राहकों की बड़ी सहायता करेगा. इसकी मदद से ग्राहक पता कर सकेंगे कि क्या गैस सिलेंडर पर सेफ्टी टेस्ट किए गए हैं या नहीं.
. पिछले दिनों के दौरान गैस सिलेंडर की जमाखोरी बड़ी है. क्यूआर कोड की मदद से गैस सिलेंडर की चोरी और जमाखोरी को रोकने में भी मदद मिलेगी.
. क्यूआर कोड की मदद से सिलेंडर का बेहतर इंवेंटरी मैनेजमेंट भी सुनिश्चित किया जा सकेगा.
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