भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर मंगलवार को नासिक में 'जनजातीय गौरव दिवस' का आयोजन किया गया। इस मौके पर आदिवासियों तक पहुंचने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने एक अनुसूचित जनजाति (एसटी) आयोग की स्थापना करने और इतिहास की पाठ्यपुस्तकों के माध्यम से छात्रों को आदिवासी नेताओं की जीवनी को पढ़ाने की घोषणा की। 'जनजातीय गौरव दिवस' के अवसर पर एक सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने जल, जमीन और जंगल के लिए लड़ाई लड़ी।
शिंदे ने कहा कि देश के सभी आदिवासी क्रांतिकारियों का काम प्रेरणादायक और गौरवपूर्ण है। आदिवासी क्रांतिकारियों के इस संघर्ष ने देश को आजादी दिलाने में मदद की। सरकार आदिवासियों द्वारा विकास अवधारणाओं और हस्तकला की ब्रांडिंग और विपणन के लिए प्रयास करेगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आदिवासी विकास मंत्री विजयकुमार गावित की मांग के अनुसार राज्य में जल्द ही अनुसूचित जनजाति (एसटी) आयोग का गठन किया जाएगा।
इस मौके पर अपने संबोधन में राज्यपाल बीएस कोश्यारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति के रूप में चुनकर देश में आदिवासियों को सम्मानित किया है। मंत्री विजयकुमार गावित ने कहा कि आदिवासियों के वन अधिकार के लिए मंत्रालय में अलग से प्रकोष्ठ बनाया जाएगा।
वहीं पालघर जिले के जवहर में बोलते हुए उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि बिरसा मुंडा ने आदिवासियों के अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी और अंग्रेजों से आदिवासियों की जमीन वापस ले ली। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इतिहास की पाठ्यपुस्तकों में आदिवासी समुदायों के नेताओं के जीवन पर एक अध्याय शामिल करेगी।
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