Mumbai : अगर आप किसी के जरिए किसी सरकारी योजना का लाभ उठा रहे हैं, तो यह खबर आपने के लिए काफी जरूरी है। कहीं योजना का लालच देने वाला आपसे पैसे तो नहीं ऐंठ रहें हैं? मुंबई पुलिस ने ऐसी ही दो महिला और ऑटो रिक्शा चालक को गिरफ्तार किया है जो सीनियर सिटीजन को सरकारी योजना का लाभ देने के नाम पर उनसे ठगी और लूटपाट कर रहे थे। मुख्य आरोपी महिला जो रास्ते में चलने वाली बुजुर्ग महिलाओं को ठग रही थी। पुलिस ने बताया है कि, आरोपी महिला अपनी सहयोगी महिला ठक और एक ऑटो रिक्शा वाले के साथ मिलकर नागपुर की अलग-अलग जगहों पर सीनियर सिटीजन और महिलाओं को लूट रहा थी। वह दोनों लोगों को प्रधानमंत्री की ओर से कोविड-19 से जुड़ी फर्जी योजनाएं बताकर ठगी कर रही थीं।
ऐसे देती थीं घटना को अंजाम
ओल्ड कैम्पटी पुलिस टीम ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है। सरकारी कर्मचारियों के रूप में दोनों आरोपी महिलाओं ने पिछले हफ्ते 70 वर्षीय शकुंतला शंबरकर को एक विशेष केंद्र सरकार की योजना का लालच दिया कि, वह उससे 5,000 रुपये प्रति माह हासिल कर सकती हैं और फिर बुजुर्ग के साथ लूटपाट की। दोनों ठग महिलाओं ने पीड़िता से एक ऑटो रिक्शा के अंदर बैठने का आग्रह किया था ताकि वे उसकी तस्वीरें खींच सकें। ठग महिलाओं ने बुजुर्ग महिला से तस्वीर क्लिक करने से पहले उसके गहने उतारकर उन्हें सौंपने को कहा, ताकि तस्वीर साफ आ सके। बाद में दोनों गहने लेकर भाग गईं। दोनों महिलाओं ने इससे पहले कैम्पटी में भी इसी तरह एक अन्य सीनियर सिटीजन को ठगा था।
अब तक कई इलाकों में की ठगी और लूटपाटसिटी पुलिस को अब संदेह है कि, महिलाओं ने बजाज नगर, यशोधरा नगर और अन्य इलाकों में भी सीनियर सिटीजन के साथ धोखाधड़ी की होगी। ओल्ड कैम्पटी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक राहुल सिरे ने कहा कि, दोनों आरोपी महिलाएं जांच को गुमराह करने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन पुलिस के पास मजबूत इलेक्ट्रॉनिक सबूत थे। पुलिस ने पहले ऑटो रिक्शा चालक श्याम मेश्राम को सीसीटीवी फुटेज की मदद से पकड़ा। वह पुलिस को महिलाओं तक लेकर गया। पुलिस ने कहा है कि, दोनों ठग महिलाएं और मेश्राम के गिरोह को पहले बजाज नगर पुलिस ने 2020 में गिरफ्तार किया था, लेकिन जमानत मिलने के बाद गिरोह ने फिर से बुजुर्ग महिलाओं को निशाना बनाकर तरह-तरह के बहाने बनाकर लूटना शुरू कर दिया था।
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