Udaipur : उदयपुर के कन्हैया लाल हत्याकांड में पकड़े गए चार आरोपियों को एनआई कोर्ट ने 10 दिन के लिए रिमांड पर भेज दिया है. एनआईए इस दौरान उनसे हत्याकांड के संबंध में और भी सवाल करेगी. बता दें कि पहले ये मामला राजस्थान पुलिस के पास के पास था. जिसकी मांग पर कोर्ट ने आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था. इसके बाद मामले को राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंप दिया गया. जहां एनआईए को आरोपियों को एनआईए कोर्ट में पेश किया. जहां एनआईए ने आरोपियों के रिमांड की मांग की और कोर्ट ने अब तक इस मामले में गिरफ्तार चारों आरोपियों को 10 दिन के रिमांड पर भेज दिया.
उधर, राजस्थान के आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के उस दावे का खंडन किया, जिसमें अधिकारियों ने कन्हैया लाल हत्याकांड में आतंकवादी संगठनों की भूमिका से इनकार किया था. एनआईए के दावों पर सवाल उठाते हुए राज्य की एजेंसी ने शुक्रवार देर रात कहा कि जांच अभी शुरुआती चरण में है. गौरतलब है कि राज्य सरकार ने शुक्रवार शाम को उदयपुर के एडिशनल एसपी अशोक कुमार मीणा को निलंबित कर दिया था. इससे पहले एसएचओ और एसआई को भी सस्पेंड किया गया था.
इस बीच एटीएस सूत्रों ने बताया कि आरोपी दो पाकिस्तानी नागरिकों के संपर्क में थे. आरोपी ने पाकिस्तान के कुछ व्हाट्सएप ग्रुपों में उदयपुर हत्याकांड का वीडियो शेयर किया हुआ था और लिखा था- ‘आदेश जो प्राप्त हुआ था वह पूरा हो गया है.’
इससे पहले शुक्रवार को इस घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया था जिसमें आरोपी गौस मोहम्मद और रियाज जब्बार बाइक पर भागते नजर आ रहे थे. इस बाइक का रजिस्ट्रेशन नंबर 2611 है, जिसे मुंबई में हुए आतंकी हमले से जोड़ा जा रहा है. फुटेज में साफ दिख रहा है कि हत्या के बाद बाजार में हड़कंप मच गया था। तुरंत दुकानें बंद कर दी गईं. इस मामले को लेकर एटीएस दावा कर रही है कि उदयपुर हत्या का पाकिस्तान से कनेक्शन है, क्योंकि सूत्रों के हवाले से खबर मिवली है कि गौस मोहम्मद पाकिस्तान में बैठे सलमान हैदर और अबू इब्राहिम के संपर्क में था. वहीं एनआईए ने कहा है कि वारदात को अंजाम देकर आरोपी खौफ पैदा करना चाहता था. इसमें किसी भी तरह का आतंकी कनेक्शन नहीं है.
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