सूत्रों के मुताबिक, पुलिस जब अपनी ही अधिकारी रश्मि शुक्ला से फोन टैपिंग को लेकर पूछताछ कर रही थी तो कोई भी साफ उत्तर जवाब में नहीं मिल रहा था. रश्मि शुक्ला अपने जवाब में बार-बार दोहरा रही थीं कि, उन्होंने कुछ गलत नही किया है. क्योंकि शुक्ला पुलिस को जांच में सहयोग नहीं कर रही हैं, इसीलिए हाईकोर्ट में अगली सुनवाई के दौरान पुलिस उनकी ज़मानत याचिका का विरोध करेगी. कोर्ट से मांग की जाएगी कि, शुक्ला को गिरफ़्तारी से जो प्रोटेक्शन मिला है उसे बढ़ाया ना जाए.
दरअसल ये मामला महाराष्ट्र की राजनीति से जुड़ा है. जिसमें पुलिस अधिकारी रश्मि शुक्ला पर आरोप है कि उन्होंने अवैध तौर पर शिवसेना नेता संजय राउत और एनसीपी नेता एकनाथ खडसे के फोन को टैप किया था. रश्मि शुक्ला के खिलाफ कोलाबा थाने में इसे लेकर मामला दर्ज किया गया था. सीनियर पुलिस अधिकारी राजीव जैन की तरफ से ये शिकायत दर्ज की गई थी. बताया गया कि शुक्ला ने तब ये फोन टैपिंग का काम किया था जब वो महाराष्ट्र राज्य खुफिया विभाग में बतौर प्रमुख तैनात थीं. फिलहाल रश्मि शुक्ला को कोर्ट की तरफ से गिरफ्तारी से 1 अप्रैल तक सुरक्षा दी गई है.
