Ulhasnagar में व्यापारी और आरटीआई कार्यकर्ता पर मामला दर्ज, घरवालों का आरोप - भूमाफियाओं ने साजिश के तहत फंसाया

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उल्हासनगर :
उल्हासनगर के एक व्यापारी और आरटीआई कार्यकर्ता मोती उर्फ सोनू दुसेजा की दुकान से कल सेंट्रल पुलिस स्टेशन के कर्मचारियों ने एक देसी कट्टा बरामद किया और उसको कोर्ट में पेश किया गया, जहां से रविवार को स्पेशल कोर्ट होने से माननीय कोर्ट ने दो दिन की पुलिस रिमांड का आदेश दिया| दुसेजा वह आदमी है, जिस पर २०१० से अब तक एसडीओ ऑफिस उल्हासनगर, सिटी सर्वे ऑफिस के साथ-साथ कई डिपार्टमेंट से करोड़ों रुपए के जमीन घोटले का खुलासा कर कई बड़े भूमाफिया और बिल्डर्स के ऊपर एफआईआर दर्ज करवाया था| यही नहीं, अभी भी उल्हासनगर के एसडीओ जगतसिंह गिरासे द्वारा निकाली गई कई फर्जी सीडी जो आज ऊपर के आदेश पर इंक्वाइरी चालू रखने तक स्टे दिया गया है, उसमें भी दुसेजा का ही अहम रोल है| भला एक व्यापारी कैसे अपने दुकान पर एक देसी कट्टा वो भी २००० और ५००० रुपए का रख सकता है? यह सोचने का विषय है| वहीं दुसेजा परिवार ने यह आरोप लगाया है कि मोती दुसेजा कई साल से कुछ भूमाफियाओं के काले करनामों को उजागर करते आए हैं| पूर्व एसडीओ के ऊपर भी कार्रवाई के लिए मंत्रियों और कोर्ट में शिकायत कर चुके हैं, जिनका जल्द फैसला आने वाला है| सब उस फैसले के घबराए हुए हैं, तभी ये लोग झूठे केस में फंसा रहे हैं| परिवार का कहना है कि पुलिस को गुमराह किया गया है| हमें सेंट्रल पुलिस के ऊपर भरोसा है| पुलिस हमें देर-सवेर इंसाफ दिलाएगी|


वहीं जब एचएम न्युज ने इंक्वाइरी की तो पता चला कि उल्हासनगर में कुछ भूमाफिया हैं, जो कई दर्जनों फर्जी सीडी कभी सरकारी प्लॉट पर तो कभी गार्डन पुनर्स्थापन प्लॉट पर, कभी पोस्ट ऑफिस के प्लॉट पर ता कभी मरे हुए आदमी के नाम से, कभी १३ साल के बच्चों के नाम पर बड़ी-बड़ी टावर्स बनाने में लगे हुए हैं| इनको बड़े बड़े भुमाफियाओं के साथ-साथ बड़े-बड़े अधिकारी भी साथ दे रहे हैं और बात जब लाखों-करोड़ों की हो तो एक छोटे व्यापारी के ऊपर ऐसा मामला दर्ज होना आम बात है| एचएम न्युज की टीम इस मामले में ध्यान रखकर पूरा खुलासा जल्द ही करने वाली है कि यह मामला सच्चा है या झूठा| क्या पुलिस को गुमराह कर भूमाफियाओं ने अपना खेल खेलकर एक आरटीआई कार्यकर्ता एक व्यापारी को झूठे मामले में फंसा दिया? क्या ये भूमाफिया दुसेजा की आवाज को दबा पाएंगे? क्या पूर्व एसडीओ का काला करनामा कभी सामने नहीं आएगा? क्या पुलिस के ईमानदार अधिकारी सीनियर पीआई मधुकर कड और क्राइम पीआई सुहास आव्हाड दुसेजा को इंसाफ दिलाएंगे? क्या पुलिस ये खुलासा कर पाएगी कि कैसे दुसेजा के खिलाफ साजिश रची गई और किसने रची? क्या इसका खुलासा हो पाएगा?

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